ये कहानियां न होते हुये जीवन की वास्तविक घटनायें ज्यादा हैं। मेरी संवेदनशीलता का ऐसी घटनाओं को थोड़ा सा मोड़ देते हुए कहानी के रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास है। मैं तो जीवन को दूब घास की तरह मानता हूँ जिसको कोई काटे, उखाडे़ या फिर जला दे वह पानी की पहली बौछार के साथ ही फिर हरी हो जाती है। मेरी ये सभी रचनायें पूर्व में प्रकाशित हो चुकी हैं जो पाठकों व्दारा बेहद सराहीं गयीं।
Copyright Hem Chandra Joshi
children stories poems tales hindi कहानिया कविता कथाए बच्चे बचपन हिन्दी मनोरन्जन लेबल वाली कोई पोस्ट नहीं. सभी पोस्ट दिखाएं
children stories poems tales hindi कहानिया कविता कथाए बच्चे बचपन हिन्दी मनोरन्जन लेबल वाली कोई पोस्ट नहीं. सभी पोस्ट दिखाएं